कुल्लू टूडे
कुल्लू
देवभूमि कुल्लू में बड़ी होली के दिन जमकर गुलाल उड़ा। कुल्लू शहर में सुबह से ही युवा, महिलाएं एवं पुरुशों ने अलग अलग टोलियां बनाकर एक दूसरे संग रंगों और आपसी भाईचारे का त्यौहार होली हर्षोल्लास के साथ मनाया।
वैरागी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली 99 साल की गौरजा महंत ने भी अपनी 4 पीढ़ियों संग रंगों के त्योहार होली को हर्षोउल्लास के साथ मनाया।

वहीं वैरागी समुदाय की 40 दिनों की होली भी आज शाम को परम्परा के साथ संपन्न होगी। कुल्लू, मनाली, पतली कुहल, भुंतर, मणिकर्ण सहित तीर्थन, बंजार में होली पर टोलियों में लोगों ने एक-दूसरे को खूब रंग-गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं।
कुल्लू शहर में ढालपुर, लोअर ढालपुर, सरवरी अखाड़ा सहित आसपास की सभी घाटियों में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों ने देवी-देवताओं के मंदिर में होली के त्यौहार पर प्राचीन परंपराओं का निर्वहन किया।

कुल्लू जिले में होली का त्यौहार पूर्णमासी के दिन मनाया जाता है। पूरे देश में जहां होली का त्यौहार कल मनाया जाएगा, वहीं कुल्लू जिले में हर साल एक दिन पहले मनाया जाता है।
होली के त्यौहार पर शाम के समय फाग जलाई जाती है। कुल्लू जिले में लोगों ने दिनभर होली उत्सव पर आसपड़ोस, रिश्तेदारों व मित्रों के साथ उमंग व खुशियों का यह त्यौहार धूमधाम से मनाएगा।
