कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
कोलडैम परियोजना प्रभावित क्षेत्र में स्वरोजगार सृजन के लिए एनटीपीसी कोलडैम निरंतर अग्रसर है। एनटीपीसी कोलडैम द्वारा अपनी सीएसआर पहल के अंतर्गत महिलाओं और युवाओं के लिए कई कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

जिनमें ड्रेस मेकिंग, ब्यूटी पार्लर, मशीन निटिंग, कढ़ाई, फैब्रिक उत्पादन, कंप्यूटर एप्लिकेशन, कृषि परीक्षण, उन्नत खेती आदि शामिल हैं।
ये प्रशिक्षण न केवल प्रतिभागियों को आजीविका के लिए जरूरी हुनर सिखाते हैं, बल्कि उनके लिए आजीविका के स्थायी अवसर भी सुनिश्चित करते हैं।
प्रशिक्षण उपरांत प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हुए स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाता है, जिससे वे छोटे उद्यम स्थापित कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

एनटीपीसी कोलडैम समय.समय पर इन प्रशिक्षित समूहों के हुनर और उत्पादों के प्रदर्शन हेतु विभिन्न गतिविधियां आयोजित करता रहता है।
हाल ही में एनटीपीसी कोलडैम में एक उच्चस्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें 13 अप्रैल 2025 को प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन किरन सिंह अध्यक्षा संयुक्ता महिला समिति द्वारा किया गया।
उद्घाटन के पश्चात किरन सिंह ने महिलाओं द्वारा बनाए गए ड्रेस, फैब्रिक उत्पाद, ब्यूटी पार्लर सेवाएं, जूट बैग तथा पाइन सुई से निर्मित वस्तुओं का अवलोकन किया और उनकी मेहनत व आत्मनिर्भरता की भावना की सराहना की।
इस अवसर पर ग्राम बोई (बेरल) जिला सोलन की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पत्तल दोना मशीन प्रदान की गई।
इस मशीन की सहायता से टौर के पत्तों से इको.फ्रेंडली पत्तलों का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देना तथा महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है।
एनटीपीसी द्वारा आयोजित इस भव्य प्रदर्शनी को पूरे भारतवर्ष से पधारे एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों एवं उनके परिवारजनों ने अत्यंत सराहा।
उन्होंने न केवल स्थानीय स्वयं सहायता समूह की प्रतिभाशाली महिलाओं द्वारा बनाए गए अद्भुत हस्तशिल्प व उत्पादों की खुलकर प्रशंसा की।
बल्कि उनकी खूब खरीददारी भी की, जिससे इन महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त प्रोत्साहन मिला।
महिलाओं ने किरन सिंह को अवगत कराया कि एनटीपीसी कोलडैम द्वारा दिए गए प्रशिक्षणों ने उन्हें न केवल विभिन्न कौशलों में दक्ष किया है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी सशक्त किया है।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अनेक महिलाओं और समूहों ने अपने छोटे.छोटे उद्यम स्थापित कर आय अर्जित करना शुरू कर दिया है।
कोविड-19 के दौरान मास्क निर्माण से लेकर, एनटीपीसी के फ्लैगशिप कार्यक्रम बालिका सशक्तिकरण अभियान के लिए जूट बैग और ड्रेस निर्माण, सरकारी विद्यालयों के छात्रों के लिए स्वेटर तैयार करने तथा मशरूम उत्पादन और पाइन सुई से उत्पाद बनाने तक इन समूहों ने हर पहलू में सराहनीय योगदान दिया है।
