कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
ऐतिहासिक राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले का भव्य शुभारंभ गोबिंद सागर झील के किनारे स्थित लुहणू मैदान में हुआ।
नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्मानी ने मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।
यह मेला 23 मार्च तक चलेगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक, व्यापारिक और कृषि गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और पशुपालन को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यह मेला इस वर्ष 136वें साल में प्रवेश कर गया है जो इसकी ऐतिहासिकता और जनसमर्थन का प्रमाण है।
मेले का शुभारंभ परंपरागत रीति.रिवाजों के अनुसार श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से लुहणू मैदान तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
बैंड.बाजों, पारंपरिक परिधानों और सजीव झांकियों के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया।
शोभायात्रा के पश्चातए मुख्य अतिथि मंत्री राजेश धर्मानी ने खूंटा गाड़कर बैल पूजन किया। जिससे मेले की विधिवत शुरुआत हुई। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।
मंत्री राजेश धर्मानी ने कहा कि नलवाड़ी मेला केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
यह मेला स्थानीय व्यापार, पशुपालन, पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ.साथ कहलूर के नाम से प्रसिद्ध बिलासपुर जिले की पहचान को सहेजने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाता है।
मंत्री धर्मानी ने घोषणा की कि वे मेले के समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री से इस मेले को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा देने की मांग करेंगे ताकि यह वैश्विक पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बन सके।
इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी।
इससे पूर्व मुख्यातिथि ने सरकारी विभागों द्वारा अपनी विभिन्न उपलब्धियों के संदर्भ में लगाई गई विकास.प्रगति की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्मानी ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, युवाओं और व्यापारियों के लिए बजट में की गई घोषणाओं की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए दूध का समर्थन मूल्य छह रुपये प्रति लीटर बढ़ाया है, जबकि दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित कलेक्शन सेंटर तक दूध पहुंचाने वाले किसानों को अतिरिक्त दो रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
जैविक गेहूं उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को दो हजार रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त समर्थन मूल्य दिया जाएगा। वहीं मक्के का समर्थन मूल्य भी तीन हजार रुपये से बढ़ाकर चार हजार रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
युवाओं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, पंजीकृत संस्थाओं द्वारा किए गए पौधारोपण को छह लाख 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, बशर्ते वे पौधों की देखभाल पांच वर्षों तक सुनिश्चित करें।
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में शीघ्र ही कक्षाएं शुरू की जाएंगी। जबकि श्री नैना देवी मंदिर परिसर में 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा।
वहीं, घुमारवीं में एक डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी, जिससे युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, कांग्रेस महासचिव विवेक कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम, हिमुडा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य जितेंद्र चंदेल, मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
