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कुल्लू टूडे

केलांग

जयराम सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी किया गया हिमाचल प्रदेश का बजट पूरी तरह निराशाजनक व दिशाहीन है। इस बजट से न तो आम जनता को राहत मिल पाई है और न ही गरीब व जरूरत मंद लोगों का ध्यान रखा गया है। खासकर अगर बात प्रदेश के जनजाति जिला लाहौल स्पीति की करें तो इस क्षेत्र के लिए भी किसी भी तरह का बजट में नया कोई प्रावधान नहीं किया गया है। लिहाजा जयराम सरकार का शुक्रवार को जारी की गया बजट मात्र घोषणाओं व आश्वासनों का वो पिटारा है जो कभी पूरा होने वाला नहीं है। यह बात लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने मीडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है।

उन्होंने कहा है कि जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के किसानों की अगर बात की जाए तो लाहौल स्पीति के किसानों बागबानों की प्राकृतिक आपदा से कुछ समय पहले तबाह हुई फसलों की भरपाई को लेकर जहां जयराम सरकार ने दस करोड़ रुपए बतौर मुआवजा राशि देने का ऐलान किया था, वहीं आज तक इस राशि का भुगतान जयराम सरकार नहीं कर पाई है। हैरानी की बात तो यह है कि लाहौल स्पीति प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहां पर आज तक एक सब्जी मंडी तक खुल नहीं सकी है।

उन्होंने कहा कि जयराम सरकार में लाहुल स्पीति से विधायक जब बतौर कृषि मंत्री काम कर रहे थे तो महज समाचार पत्रों व मीडिया में ही कारगा में सब्जी को खोलने की बात कही गई और उद्घाटन भी कागजों में ही हुआ। घाटी के किसान बागबानों को आज भी अपनी फसलें बेचने के लिए घाटी से बाहर का रुख करना पड़ रहा है। रवि ठाकुर ने कहा है कि जयराम सरकार के वर्ष 2022-23 के बजट में घाटी के किसानों व बागबानों के लिए कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने कहा है कि सरकार सिर्फ इस चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए लोगों को इस चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए लोगों को करोड़ों रुपयों की योजनाओं की घोषणाएं कर गुमराह कर रही है।

रवि ठाकुर ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में अगर बात करें तो लाहौल स्पीति में मौजूद जल विधुत परियोजनाओं में शामिल थिरोट और रोंगटोंग परियोजना की देखरेख को लेकर भी कोई बात नहीं की गई है। उक्त परियोजनाओं के माध्यम से विधुत उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने को लेकर भी बजट में किसी भी तरह की बात नहीं कही गई है।

यही नहीं एनपीएस बहाली को लेकर भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोई बढा ऐलान तक नहीं किया है। स्वास्थ्य सेवाओं की अगर बात की जाए तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में यह जिक्र किया है कि 500 डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी जबकि लाहौल स्पीति में हालात इतने खराब हैं कि यहां पिछले कुछ वर्षों से चल रही डॉक्टरों की कमी को लेकर लोग जहां कांग्रेस के बैनर तले सड़कों पर उतर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

वहीं जिला मुख्यालय केलांग में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की लगातार कमी चल रही है जिसे आज तक सरकार पूरा नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी कहा है कि 220 नई बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की जाएंगी।

जबकि लाहौल स्पीति में हालात ऐसे हैं कि आठ से दस लाख किलोमीटर तक चल चुकी खटारा बसों को आज भी दौड़ाया जा रहा है। यहां एक भी नई बस एचआरटीसी निगम प्रबंधन द्वारा नहीं भेजी गई है। कुल मिलाकर जनजातीय जिला लाहौल स्पीति कि इस बजट में भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अनदेखी की है।

रवि ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में स्वच्छता का भी ध्यान रखा जाएगा। इसी सिलसिले में लाहौल स्पीति के जिला मुख्यालय केलांग में अभी तक न तो सीवरेज योजना सिरे चढ़ पाई है न ही कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए डंपिंग साइट चिन्हित की जा सकी है।

यही नहीं अगर गौ सदन की बात की जाए तो लाहौल स्पीति प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहां पर एक भी गौ सदन नहीं है। बड़े पैमाने पर प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को चमकाने की बात की गई है, लेकिन जयराम सरकार आज तक लाहौल स्पीति के लिए पर्यटन के क्षेत्र में न तो मास्टर प्लान बना पाए हैं और न ही पर्यटकों को सुख सुविधा घाटी में उपलब्ध करवा पाए हैं।

उन्होंने कहा कि अटल टनल रोहतांग के बनने के बाद देश विदेश से लाखों सैलानी लाहुल का रुख कर चुके हैं, लेकिन बड़ी हैरानी की बात है कि घाटी में आज तक सैलानियों के लिए न तो गाड़ियों के लिए पार्किंग उपलब्ध करवाई जा सकती है और न ही सार्वजनिक शौचालय यहां स्थापित हो पाए हैं। लाहौल स्पीति को भूटान मॉडल बनाने की बात महज घोषणा ही है।

रवि ठाकुर ने कहा है कि जयराम सरकार का2022…23 का बजट पूरी तरह निराशाजनक व दिशाहीन है। प्रदेश में बेरोजगारी तार बढ़ रही है और आउटसोर्स कर्मचारियों को मात्र 200 रुपए बढ़ाने की घोषणा एक लॉलीपॉप ही लगता है।

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