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कुल्लू टूडे

कुल्लू

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर सुक्खू सरकार के नाकामियों के 2 साल के पूरे होने के अवसर पर कुल्लू में आयोजित आक्रोश रैली में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सुक्खू सरकार पर जमकर हमला बोला और मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे।

उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रदेश भर के क्रशर बंद कर दिए गए और सिर्फ अपने मित्र का ही क्रशर चलने दिया। उन्ही क्रशर से पूरे प्रदेश को सप्लाई हुई और करोड रुपए के वारे- न्यारे हुए।

जब आपदा के समय पूरे प्रदेश में भवन निर्माण सामग्री की सख्त आवश्यकता थी, उस समय सरकार के इस निर्णय की वजह से प्रदेश के लोगों को भवन निर्माण की सभी चीज 5-5 गुना महंगे दामों पर खरीदनी पड़ी।

लोगों ने शिकायत की और जांच हुई तो मामले से जुड़े लोग पकड़े गए। पकड़े गए खनन माफिया के साथ मुख्यमंत्री की वीडियो भी खूब वायरल हुई।

खनन माफिया को मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी में बैठाकर मुख्यमंत्री कार्यालय लाते हैं। आज प्रदेश के लोग जानना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री खनन माफिया को अपनी गाड़ी में बैठाकर क्यों घुमाते हैं?

नेता प्रतिपक्ष ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 2 साल के कार्यकाल के पूरे होने का जश्न मनाने जा रही है और उस जश्न में करोड़ों रुपए खर्च करने की योजना बना रही है।

लेकिन प्रदेश के लोग सरकार से पूछ रहे हैं कि वह किस बात का जश्न मना रही है? क्या सरकार हिमाचल ऑन सेल का जश्न मना रही है? क्या लोन लेने की लिमिट खत्म करने का जश्न मना रही है। प्रदेश की देश भर में किरकिरी करवाने का जश्न मना रही हैं? क्या बिजली, पानी राशन सब महंगा करने का जश्न मना रही है?

लोगों को इलाज के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर करने का जश्न बना रही है? क्या डेढ़ लाख नौकरियां समाप्त करने का जश्न मना रही है? क्या हज़ार से ज़्यादा संस्थान को बंद करने का जश्न मना रहे हैं? पंद्रह हज़ार से ज़्यादा लोगों को नौकरियों से निकालने का जश्न मना रही है?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता आती जाती रहती है लेकिन कांग्रेस के लोगों के दिमाग में सत्ता चढ़ गई है और इसका खामियाजा पूरा प्रदेश उठा रहा है।महज 2 साल के कार्यकाल में सरकार और सरकार के सहयोगी भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ चुकी है।

प्रदेश भर में हर जगह मुख्यमंत्री के मित्रों के द्वारा प्रायोजित भ्रष्टाचार का बोलबाला है। प्रदेश सरकार ने आपदा से त्रस्त लोगों को राहत पहुंचाने में भी हद दर्जे का भ्रष्टाचार किया है।

लोगों से आपदा के नाम पर चंदा वसूलने से लेकर आपदा राहत बांटने के नाम पर दर्जे का भ्रष्टाचार एवं पक्षपात हुआ। प्रभावित परिवारों को पहुंचाने के बजाय प्रभावित परिवारों को राहतपहुंचाई गई।

पार्टी के लोगों को चिन्हित कर करके लाभ दिए गए या लाभ देने से रोका गया। आज नहीं तो कल सरकार की इस अराजकता का हिसाब होगा।

प्रदेश के लोगों ने लोकसभा के चुनाव में सुक्खू सरकार की नाकामियों को लेकर अपना मत जाहिर कर दिया है। सरकार की इसी नाकामी के कारण प्रदेश के लोगों ने हिमाचल प्रदेश की 68 में से 61 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस हराया।

हारने वालों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई बड़े मंत्री और सीपीएस के हलके भी शामिल हैं। आने वाले वक्त में कांग्रेस के नेताओं मंत्रियों और विधायकों को और भी बुरे दिन देखने हैं।

प्रदेश के लोग सड़क चौराहों पर सरकार से उनकी 10 गारंटियों का हिसाब मांगेंगे तो न ही मुख्यमंत्री का झूठ कम आएगा और नहीं विधायकों की जनता से बचकर चलने की तरकीब।

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