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कुल्लू टूडे

कुल्लू

हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना जायका चरण-दो के तहत बीते दिन बुधवार को खंड परियोजना प्रबंधक इकाई कुल्लू से खंड परियोजना प्रबंधक डॉक्टर गोपाल चंद भारद्वाज व डॉक्टर हेम लता ने कुल्लू घाटी के काईस गाँव में चल रही उप-परियोजना शेगलू का दौरा किया।

पिछले कुछ समय में परियोजना के तहत उप-परियोजना शेगलू में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों में लाभार्थियों को लगभग 0.77 हेक्टर जमीन के लिए विभिन्न प्रकार की सब्जियों के वीज विस्तृत किए गए थे, जिसमे पालक, मूली, चुकंदर, धनिया व मटर के बीज विस्तृत किए गए थे।

इस परियोजना के तहत किचन गार्डनिंग के माध्यम से फसल विविधीकरण को आरम्भ करने का कार्य शुरु किया गया।

शिविर के दौरान लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की सब्जियां के उत्पादन के बारे में संक्षिप्त रूप से प्रशिक्षण दिया गया था।

इसके साथ लाभार्थियों को सब्जियों से मिलने वाले पोषक तत्वों व संतुलित आहार के बारे में जागरूक करवाया। तथा वह किस प्रकार से अपने घर पर ही अछी किसम की सब्जियां उगा सकते है।

इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लाभार्थियों के समक्ष समीक्षा बैठक की तथा उनके किचन गार्डन का संक्षिप्त दौरा किया।

जिसमें अधिकारियों ने पाया की फसल की अछी पैदावार होने के कारण लाभार्थी अपनी सब्जियों की जरूरतों को किचन गार्डन में उगाकर पूरा कर रहे है।

इस पश्चात खण्ड परियोजना प्रबंधक डॉक्टर गोपाल चंद भार‌द्वाज व सहायक अभियंता भारत भूषण ने उप परियोजना शेगलू में चल रही बहाव सिंचाई योजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।

अधिकारी ने मौके पर पाया कि ठेकेदार के द्वारा जो निर्माण कार्य किया जा रहा है उसकी गुणवता काफी संतोषजनक है।

खंड परियोजना प्रबंधक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी कुहल के निर्माण कार्य को ठेकेदार से गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से कार्य करवाएं।

खण्ड परियोजना प्रबंधक ने कृषक विकास संगठन शेगलू के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे भी निर्माण कार्य की समय- समय पर निगरानी करते रहें।

उप परियोजना शेगलू का निर्माण कार्य वर्ष 2025 के फरबरी माह तक पूरा हो जाएगा तथा इसके उपरांत उप-परियोजना शेगलू कृषक विकास संगठन शेगलू को सौंप दी जायेगी।

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