कुल्लू टूडे
कुल्लू, सुशांत शर्मा
सीटू जिला कमेटी कुल्लू द्वारा सीटू राज्य कमेटी के आह्वान पर आज ठेका, आउटसोर्स, कैजुअल, मल्टीटास्क व फिक्स टर्म कर्मियों की मांगों को लेकर जिलाधीश कार्यालय कुल्लू के वाहर प्रदर्शन किया व जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमन्त्री भारत सरकार तथा मुख्यमन्त्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन दिया गया।
प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि देश में 1990 में नवउदारवादी नीतियों के जरिए ठेका करण और अस्थाई रोजगार की वुनियाद स्थापित की गई थी।
जिसका सभी केन्द्र सरकारों ने लागु करने के लिए भर्सक प्रयास किए और पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने ठेकाकरण की नीतियों को चर्म सीमा पर पहुंचाया है।
उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण और सेन्टर फॉर मोनिटरिंग इण्डियन इकोनोमी की रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र में कुल कर्मचारियों का 50प्रतिशत से ज्यादा और नीजि क्षेत्र में कर्मचारियों का 70 प्रतिशत ठेका मजदूर हैं।
ठेका मजदूरों के 67.8 प्रतिशत और कैजुअल मजदूरों के 95.3 प्रतिशत के पास नियुक्ति पत्र तक नहीं हैं। देश के 93 प्रतिशत कैजुअल मजदूर सामाजिक सुरक्षा सुविधा से वंचित हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत ठेका, आउटसोर्स, कैजुअल, मल्टीटास्क, मल्टीपर्पज व फिक्सटर्म मजदूरों को समान और एक जैसा काम करने के वावजूद नियमित मजदूरों से बहुत कम वेतन दिया जाता है।
यहां तक कि उनको ईपीएफ, ग्रेच्युटी व पैंशन जैसी योजनाओं के दायरे से भी वाहर रखा जाता है।
ठेका, आउटसोर्स व फिक्सटर्म जैसे मजदूरों की भर्ती से एक ओर कम्पनियों की कमीश्न खोरी बढ़ी है बहीं दूसरी ओर कर्मचारियों पर शोषण का शिकंजा मजवूत हुआ है।
प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी संस्थानों में मल्टीटास्क व मल्टीपर्पज के आधार पर कर्मियों को न्यूनतम वेतन से भी वेहद कम 4500 से लेकर 6000 रूपये तक नियुक्त करना उसके शोषणकारी चरित्र को दर्शाता है।
यूनियन ने मांग की कि ठेका, आउटसोर्स, कैजुअल, मल्टीटासक व फिक्सटर्म मजदूरों के लिए तुरन्त ठोस नीति बनाई जाए व न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
सुप्रीप कोर्ट के 26 अक्तुवर 2016 के फैसले के अनुसार समान काम का समान वेतन लागू किया जाए।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 26000 रूपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा सुविधाऐं लागू की जाऐं।
प्रदर्शन में मुकेश, दुले राम, चुनी लाल, रामेन्दर, विजय कपूर, दिनेश, अनु, रूप लाल, नानक, सन्तोष आदि मौजूद रहे।
