कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
कुठेड़ा में जय बाबा नाहर सिंह भागवत कमेटी भगोट साड़ग द्वारा जनसहयोग से करवाई जा रही श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन प्रवचन करते हुए कथावाचक पंडित घनश्याम ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया।
इसके अलावा उन्होंने राम कथा, प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार की कथा को भी विस्तार से बताया। रविवार को जैसे ही कथा के दौरान कृष्ण जन्म का प्रसंग आया और कथा पंडाल में भगवान कृष्ण, वासूदेव मथूरा से गोकुल पहुंचने का अभिनय करते हुए मंच की ओर बढ़ने लगे वैसे ही पूरा पंडाल जयकारा से गुंजने लगा। कमेटी सदस्य रवि ने भगवान कृष्ण और वासूदेव की अगवाई करते हुए कथा मंच पर ले गए।
कृष्ण जन्मोत्सव का गीत जैसे कथा वाचक ने शुरू किया पंडाल में समस्त श्रद्धालु झूम.झूम कर नाचने लगे। पूरा कथा पंडाल भक्तिभाव से गोकुल नजर आने लगा। कथा के दौरान पंडित घनश्याम ने कहा कि भगवान को अपने मन में बसाने से व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन आता है।
भगवान हमेशा आपने भक्त को पाना चाहता है। जितना भक्त भगवान के बिना अधूरा है उतना ही अधूरा भगवान भी भक्त के बिना है। भगवान ज्ञानी को नही अपितु भक्त को दर्शन देते हैं और सच्चे मन से ही भगवान प्राप्त होता है। इस दौरान समस्त पंडाल भक्ति मय हो गया और समस्त पंडाल श्री कृष्ण के जय कारो से गूंज उठा।
