कुल्लू टूडे
बिलासपुर /कश्मीर ठाकुर
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भी महिलाओं से फार्म भरवाए थे और अब फिर वही प्रथा शुरू कर दी । यह बात भाजपा मीडिया विभाग के प्रदेश संयोजक एवं नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि उस दौरान प्रतिमाह 1500 रुपये मिलने की आस में महिलाओं ने नए पर्स खरीद लिए थे। सवा साल में उनके पर्स पुराने हो गए, लेकिन उन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। अब लोकसभा की चुनावी बेला में सुक्खू सरकार ने एक बार फिर से झूठ का सहारा लेते हुए महिलाओं से फार्म भरवाने शुरू दिए हैं।
ऐसे चुनावी स्टंट उसके किसी काम नहीं आएंगे। अपनी झूठ बोलने की आदत की वजह से कांग्रेस की हालत एक तरह से डूबते जहाज जैसी हो गई है। उसके बड़े-बड़े नेता चुनाव लड़ने से कन्नी काट रहे हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की दस गारंटियों में महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की गारंटी भी शामिल थी। कांग्रेस ने इस बात का जोरशोर से ढिंढोरा पीटा था कि प्रदेश की 22 लाख महिलाओं को हर माह 1500 रुपये मिलेंगे।
लेकिन सत्ता में आने के बाद सवा साल तक उसने अपनी यह गारंटी पूरी करने की जहमत नहीं उठाई। यहां तक कि गत फरवरी माह में आयोजित बजट सत्र में भी सुक्खू सरकार ने अपनी इस गारंटी को सिरे चढ़ाने के लिए फूटी कौड़ी तक का प्रावधान नहीं किया।
सरकार की वादाखिलाफी से कांग्रेस के अपने ही विधायकों और नेताओं की नाराजगी लगातार सामने आती रही है। कई विधायकों ने तो पार्टी को अलविदा कहने में ही भलाई समझी है। इससे बैकफुट पर आई कांग्रेस सरकार ने एक और चाल चली है।
महिलाओं से जो फार्म विधानसभा चुनाव के दौरान भरवाए गए थे, लोकसभा की चुनावी बेला में अब उन्हें दोबारा भरवाना शुरू कर दिया गया है। इसमें भी कई तरह की शर्तें थोप दी गई हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि इस चुनावी स्टंट का उद्देश्य चुनाव में महिलाओं के वोट बटोरना है, लेकिन कांग्रेस की रग-रग से वाकिफ हो चुकी महिलाएं अब किसी भी तरह के बहकावे में आने वाली नहीं हैं।
कांग्रेस सरकार की झूठी गारंटियों और वादों पर आम जनता ही नहीं, बल्कि उसके अपने वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी सवाल उठा रहे हैं।
धरातल की सच्चाई को अच्छी तरह से पहचान चुके कांग्रेस के बडे़ नेता चुनाव लड़ने से कन्नी काट रहे हैं। सुक्खू सरकार आधी आबादी को फिर से गुमराह करके वोट हासिल करना चाहती है, लेकिन नारी शक्ति उसे सबक सिखाने की ठान चुकी है।
