कुल्लू टूडे
मनाली
उच्च वेतनमान वंचित कर्मचारी महासंघ के सदस्यों ने रविवार को मनाली विधानसभा क्षेत्र के विधायक भुवनेश्वर से मुलाकात की।
इस दौरान महासंघ के सदस्यों ने विधायक को अपनी समस्याओं से अवगत करवाते हुए कहा कि 3-01-22 तक नियुक्त (अनुबंध पर) कर्मचारियों को 2 वर्ष नियमित सेवाकाल उपरांत उच्च वैतनमान न मिलने की वेतन विसंगति को दूर करवाने व विधानसभा शीतकालीन सत्र में इस पर बहस करवाने की मांग रखी।
महासंघ के कहना है कि दिनांक 3-1-2022 को प्रदेश में सरकार द्वारा नया वेतन आयोग लागू किया जिसमे एक तरफ सभी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि हुयी।
किन्तु अधिकतर विभागों में कार्यरत कर्मचारी कुछ कर्मचारियों को अपने से कुछ दिन वरिष्ठ कर्मचारियों की तुलना में हर महीने लगभग 13500 से 15000 रुपए का वेतन में मुक्सान होने जा रहा है।
क्योंकि सरकार द्वारा 28-12-2021 को अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों को जिन्होंने 30-9-2021 तक अपने अनुबंध के 2 साल पूरे कर लिए थे।
उनको नियमित करने की अधिसूचना जारी की जिसके उपरान्त कुछ एक विभागों (हि० प्र० सचिवालय, उपायुक्त कार्यालय शिमला इत्यादी ने अपने कर्मचारी दिनांक 03-01-2022 से पूर्व नियमित कर दिए।
जिन्हें उच्च वेतनमान का लाभ मिल गया किन्तु उनके साथ ही लगे अन्य विभागों के कर्मचारी जिन्हें 3-1-2022 के बाद नियमित किया गया।
वो इस उच्च वेतनमान से वंचित हो गये और अब उनको 3-1-2024 के बाद लगभग 13500 से 15000 रुपये हर महीने का नुक्सान होने जा रहा है।
जो कि सरासर अन्याय है जिसमे इन कर्मचारियों की कोई भी गलती नहीं है जिनपर यह भारी वेतन विसंगति थोप दी गयी है।
यह वेतन विसंगति इस कदर बहुत बड़ी है कि सचिवालय में 8/2019 में अनुबंध पर आये लिपिक अन्य विभागों में 10/2018 में आये लिपिकों से ज्यादा वेतन लेने के हकदार हो गये हैं क्योंकि उनके विभाग ने उन्हें 3-1-2022 से पहले नियमित कर दिया था।
जबकि अन्य विभागों ने अपने कर्मचारियों को 3-1-2022 के बाद नियमित किया था।
वहीं विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने महासंघ की मांगों को गौर से सुना और आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
