Spread the love

कुल्लू टूडे

बिलासपुर /कश्मीर ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा और नौणी के स्थानीय निवासियों ने बीबीएमबी सड़क का डबल लेन कार्य पर सवाल उठाये हैं।

स्थानीय वासियों में सुकुमार सिंह, अधिवक्ता रोशन लाल चौहान, अंकित सांख्यान, अजय ठाकुर, राम सिंह, जोगिंदर शर्मा, राहुल सांख्यान, विक्रम सिंह, रोशन लाल, सुरेश कुमार, छोटा राम शर्मा व अन्य लोंगो ने कहा कि यह सड़क जिला बिलासपुर मुख्यालय को नेरचौक-किरतपुर साहिब फोरलेन को जोड़ने में मुख्य सेतू का काम करती है।

विश्व बैंक की सहायता से बनाई जाने वाली इस सड़क की टेंडर कीमत (लागत) 19 करोड़ रुपये है और कुल दूरी केवल 2 किलोमीटर 700 मीटर है।

ग्रामीणों का कहना है कि डेड साल से अधिक समय इस सड़क का डबल लेन का कार्य चल रहा है। इस सड़क शिलान्यास मार्च 2022 में किया गया था, मात्र पौने तीन किलोमीटर सड़क अभी भी यह तैयार नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों ने इस सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जितना पैसा इस अकेली सड़क पर खर्च किया गया है उसके हिसाब से बजरी, रेता, मिट्टी और कोलतार की गुणवत्ता सवालों के घेरे में यह कम्पनी सिर्फ मिट्टी की लेयर बना रही है। जबकि इसमें 40 एम.एम का गटका मिलाया जाना चाहिए था।

जबकि यूनिकॉर्न कम्पनी लोक निर्माण रोड कारपोरेशन (एचपीआरआईडीसी) और विश्व बैंक को भी भृमित कर रही है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।

इस सड़क के साथ लगते नाले से जो डंगे दिए गए हैं उनमें मिट्टी के भरान के बाद जैसे ही बारिश पड़ेगी वह मिट्टी के फूलने की वजह से ढह जाएंगे।

इसके अलावा इस सड़क का निर्माण कार्य इस बेतरतीब ढंग से किया गया है कि 90 डिग्री का कटान करके ढांक खड़े कर दिए गए हैं और उक्त स्थान पर कोई भी ब्रेस्ट वाल नहीं दी जा रही है। इस सड़क के साथ लगते स्थानीय सड़कों को भी इस सड़क को बनाने वाली कम्पनी ने तोड़ कर रख दिया है।

जबकि इनकी शर्तो में साफ है कि इस सड़क को बनाते समय टूटे स्थानीय रास्तों को 75 मीटर तक बना के देना है, जबकि लोक निर्माण कारपोरेशन के अधीन का कर रही यूनिकॉर्न कम्पनी ऐसा कुछ नहीं कर रही है।

इसके अलावा यह सड़क करीब 3000 लोंगो की आबादी को नियमित रूप से आवाजाही को प्रभावित करती है और यहां के बाशिंदों को पिछले डेड वर्ष से धूल-मिट्टी का शिकार होना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन और लोक निर्माण कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता और यूनिकॉर्न कम्पनी के अधिकारियों को भी कई बार चेताया गया है लेकिन किसी के कान पर भी जूं नहीं रेंग पाई है।

स्थानीय लोंगो ने मांग की है लोक निर्माण मंत्री और विश्व बैंक इस निर्माण कार्य की जांच करे ताकि 19 करोड़ की लागत से बनने वाली पैने तीन करोड़ की सड़क की जस्टिफिकेशन बन सके अन्यथा इस सड़क के निर्माण कार्य मे हो रही देरी और धांधली पर स्थानीय लोग आंदोलन, उच्च न्ययालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

Leave a Reply

error: Content is protected !!