कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
पुराना बस स्टैंड घुमारवीं में चल रही राम लीला के तीसरे दिन मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री सीता के स्वयंवर दृश्य को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
भगवान राम ने जब शिव धनुष की प्रत्यंच्चा चढ़ाई तो शिव धनुष के टूटते ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
तीसरी संध्या में विश्वामित्र के आश्रमें राक्षसों का आतंक दृश्य दिखाया गया। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया।
इस संध्या में इस राम लीला के जनक रहे स्वर्गीय प्रेम टेस्सू की पत्नी सुशीला टेस्सू और सुशील पुंडीर सेवानिवृत संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में शिरकत की तथा कलाकारों की अदाकारी की भरपूर तारीफ कर उनकी हौंसला अफजाई की। चूंकि सुशील पुंडीर बिलासपुर राम नाटक में सर्वाधिक किरदार निभाने वाले कलाकार हैं।
इसलिए उन्होंने कलाकारों को अभिनय के टिप्स भी दिए। प्रथम दृश्य राक्षसों की खरमस्तियां दृश्य दिखाया गया।
राक्षस मुनि विश्वामित्र के यज्ञ को भंग कर देते हैं जिस पर मुनि क्रोधित होकर उनके संहार के लिए दशरथ दरबार में जाकर अपनी व्यथा सुनाते हैं और राम लक्ष्मण को उनके साथ भेजने का आग्रह करते है।
महर्षि विशिष्ठ के समझाने पर और रघुकुल की आन की रक्षा के लिए राम लक्ष्मण को साथ भेजने के लिए राजा दशरथ अपनी सहमति प्रदान करते हैं।
दूसरे दृश्य में ताड़का वध का दृश्य और उसके बाद सुबाहू वध व मारीच का डर कर भागना दर्शाया गया।
राजा जनक द्वारा न्योता भेजे जाने पर मुनि विश्वामित्र राम लक्ष्मण के साथ पहुंचते हैं और वहां राम को शिव धनुष की प्रत्यंच्चा चढ़ाने के लिए आशीर्वाद देते हैं।
भगवान राम गुरू आज्ञा से शिव धनुष को उठाते हैं और महाराज जनक के कष्टों का निवारण क्षण भर में कर उन्हें चिंता मुक्त करते हैं। सीता द्वारा वरमाला पहनाकर स्वयंवर का दृश्य पूर्ण होता है।
इसके तुरंत बाद ही परशुराम शिवधनुषके टूटने से आगबबूला होकर धनुष तोड़ने पर भगवान राम पर क्रोधित हो जाते हैं। जिस पर लक्ष्मण और परशुराम में विवाद होता है।
प्रभु राम लक्ष्मण को समझा कर शांत करते हैं और शिव धनुष तोड़ने की बात को बड़ी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।
परशुराम वहां से लज्जित होकर और शस्त्र छोड़ने के वचन देने के बाद विद्यांचल पर्वत पर तपस्या के लिए चले जाते हैं।
इस संध्या में भगवान राम की भूमिका में निभा रहे मंझे हुए कलाकार अभिषेक टेस्सू ने लड़ना अच्छा नहीं भाई भजन गाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी और इस किरदार से भरपूर न्याय किया।
वहीं लक्ष्मण बने राहुल उप्पल और परशुराम बने विक्रान्त ठाकुर के अभिनय ने भी तालियां बटोरी। रावण की भूमिका में ज्योति प्रकाश का अभिनय दमदार रहा।
राम लीला कमेटी के प्रधान संजय शर्मा ने दर्शकों के मिल रहे प्यार और आशीर्वाद के लिए आभार प्रकट करते हुए आग्रह किया कि हर शाम आठ बजे से मंचन कार्यक्रम शुरू होगा।
