कुल्लू टूडे
ऊना
हिमाचल प्रदेश की महिला आईएएस सहित तीन लोगों पर अदालत के निर्देश पर ऊना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। महिला आईएएस निधि पटेल वर्तमान में बिलासपुर जिला एडीएम के पद पर तैनात है। वह उना में एसडीएम के पर तैनात थी और यह धोखाधड़ी का मामला उस समय का है। आरोप है कि उस समय ऊना में एसडीएम के पद पर तैनात निधि पटेल ने फर्जी दस्तावेजों पर बेची गई बाइक का पंजीकरण किया है।
जिला पुलिस ने अदालत के निर्देश पर महिला आईएएस अधिकारी की पूर्व एसडीएम
निधि पटेल समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर
मामले की जांच शुरू कर दी है। रक्कड़ कॉलोनी के वार्ड-2 के रहने वाले
दविंद्र सिंह ने बाइक को बेचने में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
रक्कड़ कॉलोनी वार्ड-2 के रहने वाले दविंद्र सिंह
ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने अपनी बाइक जनवरी 2021 में पालमपुर तहसील के खलेट गांव निवासी राजीव सिंह को 1 लाख 70 हजार रुपए में बेची थी। बताया कि राजीव सिंह ने दविंद्र सिंह को करीब एक लाख रुपए का भुगतान तो कर दिया। लेकिन बाकि पैसे उसने दविंद्र सिंह को दिए ही नहीं।
दविंद्र ने आरोप लगाया है कि राजीव सिंह के साथ मिलीभगत करते हुए
नोटरी पब्लिक हरमनजीत बेदी और रीजनल लाइसेंस अथॉरिटी व तत्कालीन एसडीएम डॉ. निधि पटेल ने जाली दस्तावेज तैयार कर उसकी बाइक पैसों के लेन-देन से पहले ही राजीव सिंह के नाम कर दी। बाइक का पंजीकरण होने के बाद राजीव पैसों का भुगतान करने में आनाकानी कर रहा है।
डीएसपी ऊना अजय ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने दविंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर राजीव सिंह, हरमनजीत बेदी और ऊना पूर्व एसडीएम डॉ. निधि पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करके जांच जांच शुरू कर दी है।
