कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
गुग्गा मंदिर विकास समिति के प्रधान सुरेश शर्मा ने शुक्रवार को उपायुक्त बिलासपुर को पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने आग्रह किया की गूगा मंदिर भटेड़ की धर्मशाला में रहने के लिए पुलिस प्रशासन ने 11 दिसंबर 2022 को यह कहकर लिया था की उनका 78 पुलिस दल सिर्फ दो दिन के लिए वहां पर रुकेगा, परंतु उन्हे मंदिर की धर्मशाला में ठहरे एक महीना हो चुका है,और धर्मशाला को छोड़ने का नाम तक नहीं ले रहे है।
सुरेश शर्मा का कहना है की पुलिस एसीसी कारखाने में लगी तालाबंदी को लेकर बरमाना ट्रांसपोर्ट यूनियन पर नजर रखने के लिए समिति से धर्मशाला में सिर्फ दो दिन ठहरने की बात की थी,परंतु बाद में बिना समिति की अनुमति के पुलिस प्रशासन ने धर्मशाला के हरेक कमरे में एक प्रकार से जबरन कब्जा जमा दिया है।
उन्होंने कहा की महीने भर से धर्मशाला में कब्जा जमाए हुए पुलिस दल ने मुफ्त बिजली पानी और अन्य व्यवस्थाओं का फायदा उठा रहा है।
वहीं पर आए दिन मौजूद पुलिस बल के जवान गांव वालों को डराकर विभिन्न प्रकार की सेवाओं की मांग करते हैं।
पानी और लाइट की व्यवस्था के लिए भी पुलिस प्रशासन ने मंदिर समिति को कुछ नहीं देकर, बल्कि धर्मशाला पर कब्जा जमाकर सरकार के द्वारा आम जनता की संपत्ति पर अतिक्रमण करने जैसा है।
गौरतलब है की आम जनता का कोई भी व्यक्ति अगर सरकारी रेस्ट हाउस में ठहरना चाहता है तो उसे न्यूनतम 500 रुपए देने होते हैं और यहां पर पुलिस बल के 100 से 200 जवान मुफ्त में महीने से ठहर रहे हैं ।बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने इस बारे कोई व्यवस्था, कोई बजट का प्रबंध नहीं किया।
पुलिस जवानों को ठहरने की व्यवस्था करना स्थानीय प्रशासन का कार्य है। जिसके लिए जनता पर बोझ डालना एक गैर कानूनी कार्य है। प्रशासन के इस जबरन कब्जे की वजह से धर्मशाला में शादी धार्मिक कार्य व अन्य समारोह मनाने के लिए बाधा आ रही है ।
गुगा मंदिर विकास समिति के प्रधान सुरेश कुमार ने बताया की इस संदर्भ में शुक्रवार को उपायुक्त, बिलासपुर तथा मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को इस बाबत सूचना दे दी है, कि धर्मशाला की भवनों को जल्द खाली करें तथा उचित शुल्क,तथा बिजली बिल का भुगतान करें।
