कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
बिलासपुर में चल रही राम लीला के दूसरे दिन ताड़का वध दृश्य देखने के लिए
दर्शकों का सैलाब उमड़ा।
श्री राम नाटक समिति के बैनर तले चल रही इस राम
लीला के दूसरे दिन पहले दृश्य में भगवान श्री राम जन्मोत्सव दिखाया गया।
अयोध्या नरेश दशरथ के दरबार में जब परिचारिका कुंवर उत्पन्न होने का
समाचार लेकर आती है तो चारों ओर खुशी व उल्लास का माहौल बन जाता है। राजा दशरथ प्रसन्नता से अयोध्या में उत्सव मनाने की घोषणा करते हैं। इस दृश्य में की गई भव्य आतिशबाजी से माहौल रोचक बना।

दूसरे दृश्य में महाराज दशरथ के दरबार में राक्षसों के उपद्रव से परेशान विश्वामित्र क्रोधित होकर आते
हैं और राजा को भला बुरा कहते हैं। दशरथ विश्वामित्र जी के गुस्से को शांत कर उनके साथ सेना भेजने का आदेश देते हैं किंतु विश्वामित्र को उनका
आदेश गवारा न हुआ और वे राम और लक्ष्मण को अपने साथ वन में लेने का हठ करते हैं।
दशरथ के काफी मना करने पर भी विश्वामित्र अपनी वाणी पर अडिग
रहते हैं और राम व लक्ष्मण को राक्षसों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए
अपने साथ ले जाते हैं।
तीसरे दृश्य में गुरू विश्वामित्र की सेवा में लीन
दोनों भ्राता उनसे इन राक्षसों के बारे में ज्ञान प्राप्त करते हैं कि इसी बीच ताड़का की भयंकर चीखें उन्हें सुनाई देती हैं। मंच से काफी दूर से ताड़का को नजदीक आता देख दर्शकों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी।
ताड़का और उसके अनुचरों ने पंडाल में खूब धमाल मचाई। मंच पर आने के बाद राम और लक्ष्मण ने ताड़का के साथ- साथ उनके बेटे सुबाहू तथा अन्य सहयोगियों का वध कर दिया।
इस दौरान मारीच भागने में सफल रहा। इसी बीच विश्वामित्र जी को मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री के स्वयंवर के होने का समाचार और
निमंत्रण मिलता है।
विश्वामित्र दोनों भाईयों को अपने साथ मिथिलापुरी की
ओर जाने के लिए प्रस्थान करते हैं।
रास्ते में उन्हें एक सुनसान स्थान पर विक्षिप्त से शिला मिलती है। जिसके बारे में विश्वामित्र प्रभु राम को इस वृतांत के बारे में बताते हैं कि यह गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या है जो श्रापित होकर शिला बनी है।
महर्षि विश्वामित्र जी के आदेश के बाद प्रभु
राम जब इस शिला को अपने पैरों से स्पर्श करते हैं तो शिला नारी रूप बन
जाती है और भगवान राम का आभार व्यक्त करती है।
दूसरे दिन प्रभु राम का
अभिनय नवीन सोनी ने निभाया जबकि लक्ष्मण रिशु शर्मा, दशरथ गोपाल हंस, विश्वामित्र राजेंद्र चंदेल, शिवम कौशल सुमंत, अमित आहिल्या, नितिन तांडी ने ताड़का का किरदार निभाया।
जबकि ईमरान ने सुबाहू, अमित पिंटू ने मारीच और राक्षण गणों में चिंटू, नोनी, शब्बू, सुज्जल, जूनी आदि शामिल रहे।
