कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
बिलासपुर ऊना एमडीआर पर बने शुक्कर खड्ड पुल को आत्यधिक खनन से खतरा उत्पन्न हो गया है। अत्यधिक अवैध खनन व बेतरतीब व अवैध रूप से निकाली गई शुक्कर खड्ड के लिए सड़क से पुल के एक ओर से पहाड़ी गिर गई है।
इस पुल के इर्द गिर्द खड्ड में पिछले कई वर्षों से खनन जारी है। खनन विभाग द्वारा इन खड्डों में अवैध खनन के कई मामले दर्ज करके लाखों रुपये जुर्माने के तौर पर प्राप्त भी किए हैं।
बावजूद इसके इन खड्ढों में रात के अंधेरे में खनन जारी है। 1985 में करोड़ों रुपए की लागत से इस पुल का निर्माण किया गया है।
इस पुल की लंबाई 101 मीटर है। इस पुल के निर्माण पर करोड़ों रुपये की राशि सरकार द्वारा खर्च की गई है।
अभी पुल की आयु 40 वर्ष की है लेकिन सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि भविष्य में 84 वर्षों तक इस पुल की लाइफ हो सकती है। लेकिन इस पुल को इन खड्डों में अत्यधिक हो रहे खनन से विचार की जरूरत है। यह पुल क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ता है।
इस पुल पर प्रतिदिन ऊना, भाखड़ा, होशियारपुर, बिलासपुर, घुमारवीं सहित पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के लिए हजारों की संख्या में छोटे व बड़े वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में इस पुल की देखरेख का कार्य लोक निर्माण विभाग बरठीं द्वारा संभाला गया है।
सरकार व विभाग की सुस्ती की वजह से खनन माफिया अवैध खनन करने में मशगूल हैं। जिस कारण पुल पर खतरा मंडरा रहा है पुल के नीचे से एक अवैध सड़क का भी निर्माण किया गया है जिस कारण पुल के एक कोने से पहाड़ी नीचे गिर गई है।
यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना को अंजाम मिल सकता है भारी बरसात होने पर इस पुल के नीचे से पानी का बहाव बहुत तेज हो जाता है जिस कारण भूमि कटाव भी लगातार हो रहा है।
लोक निर्माण विभाग झंडूता के सहायक अभियंता सुरजीत कैंट से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मौके का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
