कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
वीरवार को फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति, भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच, किसान सभा की अगुवाई में अतिरिक्त जिलाधीश बिलासपुर के माध्यम से भूमि अधिग्रहण- 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास व चार गुना मुआवजा) को हिमाचल में लागु करवाने हेतु मांग पत्र महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रेषित किया।
भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के प्रदेश संयोजक, जोगिंदर वालिया ने कहा कि अभी तक फोरलेन में सरकार द्वारा भूमि अर्जित की गई है। उनमें भूमि अधिग्रहण, 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास व चार गुना मुआवजा) को हिमाचल सरकार पूर्णतः लागू नहीं कर रही है। हालांकि 2018 में मंत्री स्तर पर एक सब-कमेटी गठित कि गई थी जिसमें पुर्नस्थापना पुनर्वास तथा भूमि अधिग्रहण, 2013 के अनुसार फैक्टर-2 को लागू करने की बात तय हुई थी लेकिन 4.5 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी हिमाचल सरकार अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई है। भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच ने आग्रह किया है कि भूमि अधिग्रहण 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास व चार गुना मुआवजा) के सभी प्रावधानों को हिमाचल सरकार लागू करे।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन शर्मा ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में बरती गई अनियमितताओं पर संबंधित क्षेत्रिय अभिकरणों द्वारा जांच व तहसीलदारों द्वारा पुष्टी हो जाने के उपरांत तहसीलदारों के माध्यम से एसडीएम व एसडी एम के माध्यम से डीसी बिलासपुर व मंडी तथा दोनों उपायुक्तों के माध्यम से प्रधान सचिव राजस्व सरकार हिमाचल प्रदेश को प्रेषित की गई रिपोर्ट के उपरांत प्रधान सचिव राजस्व सरकार हिमाचल प्रदेश द्वारा दोनों उपायुक्तो को नियमानुसार दिए गये आदेशों की अनुपालना करवाना सुनिश्चित किया जाये।
इसके इलाबा अवैध मक डंपिंग, अवैध ब्लास्टिंग, मत्स्य भाखड़ा बांध परियोजना व मछुआरों तथा पर्यावरण को हुए नुक्सान का आकलन कर नियमानुसार भरपाई करवाई जाए। इसके अलावा वन भूमि व नालों खड्डों गोबिंद सागर में सड़क निर्माण कंपनी द्वारा डंप करवाई मिट्टी को उठवाया जाए वहीं कलवर्टों के पानी की निकासी नियमानुसार करवानी सुनिश्चित की जाए ब भूमालिकों पर दर्ज मुकदमों को तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाए।
किसान सभा से लखन पाल ने मांग करते हुये कहा मौजूदा बाजार भाव तय करने में विसंगतियों को दूर कर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए। जमीन के सर्कल रेट भी उसके अनुसार तय किये जायें। जमीन व मकान के अवार्ड जो घोषित किये जा चुके हैं। उनके मुआवजे का भुगतान राष्ट्रीय उच्च मार्ग, भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा अति शीघ्र किया जाये व भुगतान में देरी पर 12 प्रतिशत ब्याज दिया जाए।
उन्होंने कहा कि इन उचित मांगों का सरकार तुरंत निपटारा करे, समस्याओं के शीघ्र समाधान न होने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच, राज्य स्तरीय आंदोलन करने पर मजबूर होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य, केंद्र सरकार व राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों की होगी।
