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कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

बीडीटीएस पर तानाशाही और मनमर्जी के आरोप लगाए थे कि सीमेंट ढुलाई सूची से गाड़ियां निकाल दी गई।

इस पर बीडीटीएस मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह आरोप निराधार हैं। जबकि इसी के धड़े के साथ जो नौ लोग हैं वो भी आज हमारे काम की तारीफ कर रहे है।

बीडीटीएस मैनेजमेंट के जनरल सेक्रेटरी सुरेश चौधरी ने कहा कि एक से 100 नंबर तक एक रोटेशन चैनल के तहत एक पॉलिसी रहती है।

हर महीने में रोस्टर बनता है जिसमें गाड़ियों के नंबर तय होते हैं। यदि कोई गाड़ी डिमांड के बावजूद खड़ी रहती है, तो स्वत गाडी सूची से डिलीट हो कर अपने आप ही नंबर आगे चला जाता हैं।

पूर्व में रहे महासचिव प्रदीप ठाकुर के समय में ही इस प्रणाली का प्रस्ताव पारित हुआ था और अब उन्होंने ही उससे सवाल किया है कि इस प्रस्ताव को समय रहते क्यों इम्प्लीमेंटेशन नहीं किया। अब बीडीटीएस ने इसी के ही प्रस्ताव को इम्प्लीमेंट किया है।

बीडीटीएस मैनेजमेंट के जनरल सेक्रेटरी सुरेश चौधरी ने कहा कि पहली बार इतिहास में लुधियाना, परमाणु, जीरकपुर, राजपुरा किरतपुर आनंदपुर साहिब हिमाचल सटेशन आदि के लिए स्टैंड स्टेशन ढुलाई कार्य के लिए गाड़ियां जा रही है।

उन्होंने उनको चैलेंज किया है कि अपने समय और हमारे अढ़ाई महीने के समय की कार्य प्रणाली की तुलना करके ट्रान्सपॉयरों के बीच ब्लैक एंड वाइट कुछ लेकर पारदर्शिता के बीच अंतर प्रस्तुत करें।

उन्होंने उन पर भारी अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। उन्हें प्रबंधन ने नोटिस भी भेज दिया है और जल्द ही इसका जवाब भी माँगा है।

चौधरी ने कहा कि बीडीटीएस ने 1984 से 2025 तक के इतिहास में पहली बार कंपनियों से खड़ी गाड़ियों के 2000 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया दिलाकर नया आयाम स्थापित किया है।

उनके समय में लुधियाना जैसे डम्पों पर आठ आठ दिन गाड़ियां अनलोड नहीं हुआ करती थी इतना ही नहीं, उस तकलीफ के दौरान आम ऑपरेटरों के फोन तक नहीं उठाते रहे। अब सीमेंट ढुलाई के लिए हर जगह गाड़ियां जा रही है और समय रहते अनलोड हो रही है।

यही नहीं अब नई कार्यकरिणी के 11 सदस्य हर डंप पर जाकर स्थिति का जायजा लेते है।

चौधरी ने ट्रांसपोटरों को लिए एक नई खुशखबरी बताई कि आज की एसीसी आदानी ग्रुप के साथ हुई बैठक में अहम फैसला लेकर आए हैं, जो हाईक पिछले तीन साल से पेंडिंग रही है उसे रिलीज़ करवाया है। जिससे ट्रांसपोटरों को अब राहत मिली है जो पिछले तीन सालों से भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।

उन्होंने कहा कि अभी बैठक जारी है और ट्रान्सपोर्ट को पिछला हाइक मिलने वाला है। ट्रान्सपोर्ट को बहुत जल्दी खुशखबरी मिल जाएगी।

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