Spread the love

कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

बीती रात पूरे प्रदेश में आए भयंकर तूफान से तकरीबन हर जिले में भारी नुकसान हुआ है। बिलासपुर जिला भी इससे अछूता नहीं रहा है।

झंडूता विधानसभा के गांव जड्डू कुल्जयार में इस तूफान से मछुआरा वर्ग को भारी नुकसान हुआ है। मछुआरों के गोविंदसागर में बिछाए गए जाल जहां लापता हो गए हैं।

वहीं इस भारी तूफान से उनकी किश्तियां भी डूब गई हैं जबकि कई किश्तियां आपस में टकरा कर टूट गई हैं।

गोविंद सागर पर केवल मत्स्य आखेट पर निर्भर यहां के सैंकड़ों परिवारों के लिए रोजी रोटी की मुसीबत खड़ी हो गई है। इस भयंकर तूफान से लोगों का लाखों रूपयों का नुकसान हुआ है।

पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने बताया कि बीती शाम जब वह पानी में आखेट के लिए जाल लगाकर घर आ गए थे तो उन्हें ज्ञात न था कि तूफान उनका सब कुछ बहाकर ले जाएगा।

उन्होंने बताया कि तूफान का ऐसा रौद्र रूप उन्होंने पहली बार देखा है, जब तूफान आया तो इतनी हिम्मत न हुई कि घर से बाहर निकला जाए, पानी तक जाना तो मौत को सीधे तौर पर दावत देने के बराबर था। यहां पर काफी गांव हैं जो भी भाखड़ा विस्थापित हैं तथा मत्स्य व्यापार पर इनकी रोजी रोटी निर्भर है।

भाखड़ा विस्थापित मत्स्य सहकारी सभा जड्डू, कुल्जयार, जोहर चैन्नी आदि के लोगों में शामिल जगत पाल, सतीश कुमार, लक्ष्मण सिंह, कर्मचंद, दलवीर सिंह, राम पाल, सोनू राम, कुलदीप सिंह, प्यारे लाल, सोनू, राज कुमार, ईश्वर दास, रूप कुमार, नंद लाल, रामपाल, विष्णु कुमार, संतोष कुमार, पिंकू कुमार, देवदास, घनश्याम आदि ने बताया कि उन्होंने ऋण लेकर जाल आदि खरीदे हैं तथा किश्तियां बनवाई हैं। लेकिन बीती रात आए तूफान ने सारी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

उन्होंने कहा कि अब उनके पास मत्स्य आखेट के लिए कोई जाल तक नहीं है, किश्तियों को भी इस तूफान से काफी नुकसान पहंुचा है।

उन्होंने प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि उनकी इस समस्या का समाधान शीघ्र किया जाए ताकि वे रोजी रोटी कमाने के लिए दोबारा खड़े हो सकें।

Leave a Reply

error: Content is protected !!