कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
ग्राम पंचायत हरनोड़ा में आयोजित विशेष ग्राम सभा में दो दर्जन से अधिक लोगों को देरी का हवाला देकर हस्ताक्षर करने से रोक दिया गया, जिसके कारण बैठक का कोरम पूरा नहीं हो सका।
इस घटना ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है।
इन लोगों में मनोज कुमार, नन्द लाल, बेसरिया राम, सुनील कुमार, सुभाष, देव, रोशन लाल, बाबू राम के अलावा अन्य लोगों ने विरोध भी जताया लेकिन पंचायत कर्मचारियों ने रजिस्टर कार्यवाही को बंद कर दिया। जिसके कारण बैठक का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया।
बैठक में प्रमुख प्रस्ताव था कि कसोल गांव को एक अलग पंचायत बनाने का मुद्दा उठाया जाना था।
यह प्रस्ताव पंचायत विभाजन से संबंधित था, और इसे लेकर कई लोग चर्चा की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन, कोरम पूरा नहीं होने के कारण इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई।
पंचायत सचिव शांति चंदेल ने बताया कि इस विशेष ग्राम सभा में कुल 203 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि कोरम पूरा करने के लिए 222 लोगों का होना जरूरी था।
पंचायत के अंतर्गत कुल 854 परिवार हैं, और नियम के अनुसार, एक चौथाई संख्या में लोगों की उपस्थिति होने पर ही कोरम पूरा माना जाता है।
ग्राम सभा में शामिल हुए मनोज कुमार, नन्द लाल, बेसरिया राम, सुनील कुमार, सुभाष, देव, रोशन लाल, बाबू राम और अन्य ने आरोप लगाया कि उन्हें हस्ताक्षर करने से रोका गया।
उनका कहना था कि उन्हें यह बताया गया कि कोरम पूरा करने के लिए समय सीमा केवल दो बजे तक की थी, और फिर भी वे हस्ताक्षर नहीं कर पाए।
इस कारण कई लोग बैठक से बाहर हो गए, जिससे बैठक का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका।
बीडीसी सदस्य अशोक कुमार शर्मा ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दो दर्जन लोगों के हस्ताक्षर करने से वंचित रहने की जानकारी आई है।
उन्होंने पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक का समय सुबह 11 बजे तक निर्धारित किया गया था, लेकिन बैठक के समापन समय का उल्लेख नोटिस में नहीं किया गया था।
इसके कारण कुछ लोग, जो गांव में हुई मृत्यु के कामकाज को निपटाकर करीब दो बजे पहुंचे, लाइन में खड़े रहे, लेकिन उन्हें हस्ताक्षर करने का मौका नहीं दिया गया।
इस स्थिति को लेकर उन्होंने शिकायत दर्ज करने की बात कही और यह बताया कि इस मुद्दे को जिलाधीश से उठाया जाएगा।
