कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रैस को जारी एक संयुक्त बयान में सरकार से लंबित शिक्षा उपनिदेशकों की पदोन्नति जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया है।
संघ ने सरकार से यह भी मांग की है कि जिन प्रधानाचार्य की पदोन्नति शिक्षा उपनिदेशक के पद पर होनी थी।
लेकिन कोर्ट केस के कारण उनकी पदोन्नति रुकी रही और अब उनका कार्यकाल 1 साल से भी काम रह गया है उन्हें भी इस पदोन्नति सूची में शामिल किया जाए क्योंकि कई ऐसे प्रधानाचार्य भी हैं जो 2008 से प्रधानाचार्य पद पर अपनी सेवाएं दे रहे है।
पदोन्नति सूची को जारी करने में देरी होने से प्रधानाचार्यों की शिक्षा उपनिदेशक के पद पर पदोन्नति नहीं हो पाई है।
प्रवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष नरेश ठाकुर, महासचिव लक्ष्मी कांत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपिंदर ठाकुर, बलवंत ठाकुर, सुरेंद्र रनौत, संजीव कौशल, विकास चैहान, सुशील, राजेश शर्मा, शांति स्वरूप, राजेंद्र, सुरेंद्र धीमान, अशोक, गुरमीत, बाबू राम, राजीव चैधरी, जगदीप, विजय शर्मा, प्रीतम, राज कुमार, संदीप, भूपेंद्र संख्यान, मदन ठाकुर, श्रीकांत, अरविंद अत्री, सुरेंद्र मेहता, पवन ठाकुर, अनु ठाकुर, रेखा ठाकुर, संजू सांख्यान, नीलिमा चंदेल व अन्य पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि प्रधानाचार्य पदोन्नति सूची को भी जल्द से जल्द जारी किया जाए।
क्योंकि जिस प्रकार से सूची जारी होने में देरी हो रही है उससे 24 से 25 साल तक प्रवक्ता पद पर सेवा देने के बाद प्रवक्ता इसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में लगभग 550 के करीब प्रिंसिपल के पद खाली चल रहे है।
एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है जब विभाग द्वारा प्रिंसिपल की प्रमोशन लिस्ट नहीं निकाली गई है।
नरेश ठाकुर ने कहा कि जीवन में उच्च पद पाना हर एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षा होती है और उसको पाने के लिए वह जीवन में कड़ी मेहनत व दिन रात एक करता रहता है।
लेकिन स्कूल प्रवक्ताओं को 25 वर्ष की कड़ी मेहनत करने के बाद भी जो एकमात्र प्रमोशन मिलती है उससे भी वह वंचित रह रहे हैं।
बहुत प्रवक्ता प्रमोशन की आस में पिछले लगभग एक वर्ष से अधिक समय से इंतजार में बैठे हैं और कई प्रवक्ता बगैर प्रमोशन के सेवानिवृत्त भी हो रहे हैं।
प्रमोशन के बिना रिटायर होने से एक तरफ उच्च पद से वंचित रहते हैं तो दूसरे आर्थिक तौर पर भी बड़ी हानि उठानी पड़ती है।
प्रवक्ता संघ सरकार से मांग करता है कि प्रधानाचार्य पदोन्नति की सूची शीघ्र निकाली जाए।
