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कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

शिमला के मशोबरा विकास खंड के तहत पड़ने वाले राजकीय उच्च विद्यालय धाली में शनिवार को स्कूल के विज्ञान संकाय के प्रभारी पूनम टीजीटी मैडीकल द्वारा बच्चों को ओजोन परत को प्रदूषण से हो रहे नुकसान के बारे में प्रैक्टिल तौर पर बताया गया।

यह जानकारी देते हुए स्कूल हैडमास्टर राकेश वर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की मदद से शिक्षिका पूनम द्वारा एक माॅडल तैयार किया गया था, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार धरती पर हो रहे प्रदूषण का असर ओजोन परत पर पड़ रहा है।

स्कूल परिसर में आयोजित इस माॅडल को देखने के लिए सभी कक्षाओं के बच्चों ने विजिट की तथा माॅडल को बारीकि से जाना और समझा।

वहीं विज्ञान शिक्षिका पूनम ने विज्ञान संकाय के बच्चों ने माॅडल के माध्यम से ओजोन परत को हो रहे नुकसान के बारे में बताया। मानव जीवन पर इसका क्या असर पड़ेगा इसे लेकर भी भविष्य की चिंता से अवगत करवाया।

कार्यक्रम में विज्ञान विषय की शिक्षिका पूनम ने सारे वृतांत पर प्रकाश डाला तथा लोगों से प्रदूषण न फैलाने की अपील की।

उन्होंने बच्चों को बताया कि ओजोन गैस हल्के नीले रंग की गैस होती है जो आक्सीजन के तीन परमाणुओं का यौगिक है।

उन्होंने कहा कि मानव को सांस लेने के लिए आक्सीजन से ज्यादा ओजोन का होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यह गैस सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों के लिए एक अच्छे फिल्टर का काम करती है। ओजोन परत का क्षरण सीएफसी, हेलॉन, मिथाइल क्लोराइड, मिथाइल ब्रोमाइड आदि गैस से होती हैं।

इस अवसर पर बच्चों ने प्रश्न भी पूछे तथा शिक्षकों ने उनकी जिज्ञासा को शांत किया।

इस अवसर पर पूनम के अलावा अन्य शिक्षकों में रमा डोगरा, सत्यानंद शर्मा, अंजूबाला, हेमा ठाकुर तथा सुभाष चंद मौजूद रहे।

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