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कुल्लू टुडे

कुल्लू

जिला मुख्यालय से करीब 4 किलामीटर की दूरी पर स्थ्ति नेचर पार्क मौहल में मंगलवार को आजादी के 75वें वर्ष का उत्सव आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में कुल्लू जनपद के महान स्वतन्त्रता सेनानी कुंवर प्रताप सिंह के शहीदी दिवस पर भाषा एवं संस्कृति विभाग कुल्लू द्वारा ब्राह्मण कल्याण सभा व स्वतन्त्रता संग्राम शहीद स्मारक समिति के सहयोग से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कुंवर प्रताप सिंह की प्रतिमा पर उनके वंशज रिपु दमन, ललिता कंवर, उदय सिंह के अलावा मुख्य अरण्यपाल अनिल जोशी, वन मण्डल अधिकारी ऐश्वर्य राय व उपस्थित अन्य लोगों द्वारा माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी ने कहा कि कुंवर प्रताप सिंह नेे 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह का बिगुल बजाया था जिस कारण आज के ही दिन 3 अगस्त, 1857 को सायं 4ः00 बजे अंग्रेजी सरकार के विस्द्ध राजद्रोह के अपराध में पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में उनकी पत्नी व मां के सामने उन्हंे व उनके साले वीर चन्द को फांसी दी गई थी।

इस अवसर पर धमेन्द्र शर्मा द्वारा कुंवर प्रताप सिंह पर स्वरचित गीत “शुण तो शुण माणुआ क्रांति रा गाणा, कंवर प्रताप सिंह था कुल्लू धरा रा याणा’’ प्रस्तुत कर कुंवर प्रताप सिंह को श्रद्धांजलि दी। फिरास्त-उल-खान द्वारा उन पर रचित कविता का पाठ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल अनिल जोशी ने कहा हमारे लिए गर्व की बात है कि कुंवर प्रताप सिंह जिला कुल्लू से थे, इन्होंने 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह का बिगुल बजाया था और विदेशी हकुमत के खिलाफ संघर्ष कर कुल्लू का नाम ऊंचा किया था।

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