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कुल्लू टूडे

शिमला

जिला दण्डाधिकारी शिमला आदित्य नेगी ने आदेश जारी करते हुए बताया कि कोई भी ठेकेदार या नियोक्ता किसी भी प्रवासी मजदूर या कामगार को काम पर रखने की आज्ञा नहीं देगा जब तक की वह उसकी पूरी जानकारी नाम पता एवं पासपोर्ट साईज फोटो सहित स्टेशन हाउस अधिकारी के पास सत्यापित न करवा दें। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होकर और अगले 2 माह तक जारी रहेंगे।

उन्होंने बताया कि शिमला में बहुत से प्रवासी लोग रोजगार की तलाश में आते हैं जिनमें प्रायः फेरी वाले, रेहड़ी फड़ी इत्यादि से आजीविका कमाने वाले लोग होते हैं, जिन्हे ठेकेदार अथवा अन्य नियोक्ता अनुबंध कर के बुलाते हैं।

पुलिस द्वारा की गई छान बीन में यह पाया गया है कि इन प्रवासी मजदूरों एवं कामगारों में कुछ लोग आपराधिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं। सही पहचान न होने के कारण अपराधियों को पहचानने एवं अपराध नियंत्रण में प्रशासन एवं पुलिस को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

इसी प्रकार की परिस्थितियां राज्य में अराजकता एवं अपराध का मुख्य कारण हो सकती हैं जिससे सरकारी संपत्ति एवं मानव जीवन को खतरा पैदा हो सकता है।

उपायुक्त ने कहा कि शिमला आने वाला कोई प्रवासी मजदूर या कामगार तब तक अपने आपको किसी काम में संलग्न नहीं करेगा जब तक कि वह अपनी जानकारी एवं अपने कार्य के बारे में स्टेशन हाउस अधिकारी को सूचित नहीं करता।

इन आदेशों की अवहेलना होने पर सम्बंधित मजदूर एवं नियोक्ता दोनों को जिम्मेदार माना जाएगा तथा उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।

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