कुल्लू टूडे
बंजार
नाबार्ड द्वारा पिछले दो वर्षों में ज़ीबी पंत नेशनल इंसचीच्युट मौहल द्वारा ज़िला कुल्लू के तीर्थन वेली में इंडिजिनयस मधुमखी पर 150 किसानो को ट्रेनिंग के साथ साथ बॉक्स एवं ट्रेनिंग किट प्रदान की गयी।
बीते वर्षों के प्रयास के बाद मधुमखी पालकों ने तीर्थन हनी ब्रांड बनाया जिसके माध्यम से वह शहद के साथ साथ लीप बाम जेसे प्रोडक्टस भी तैयार कर रहे है।
हालांकि नाबार्ड द्वारा यह पाया गया कि मधुमखी पालकों के लिए कोई बेंकिंग क्रेडिट स्कीम नहीं है व इसके निवारण के लिए नाबार्ड द्वारा स्केल औफ़ फ़ाइनेंस में मधुमखी पालकों के लिए कार्यशील पूंजी एवं यूनिट कोस्ट पर भी कार्य किया गया।
नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबन्धक द्वारा बताया गया कि इस शिवीर के दौरान मधुमखी पालकों को ऋण सुविधा दिलाई गयी जिसमें 16 लाख का ऋण वितरण किया गया एवं बागवानी विभाग द्वारा किसानों को मधु विकास योजना एवं बागवानी संबन्धित योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया।
इस मौके पर पीएनबी बैंक, एसबीआई बैंक, कांगड़ा बैंक, इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक कि भी योजनाओं को बताया गया एवं किसानों को केसीसी एवं मधुमखी पालन के लिए ऋण देने कि प्रक्रिया भी शुरू कि गयी।
शिविर के दौरान किसानों ने बताया कि इस तरह कि ट्रेनिंग्स उनकी आय में बढ़ोतरी में मदद करती है व साथ ही साथ एसे शिविरों के आयोजन से उन्हें बैंकिंग सुविधाओं व सरकारी योजनाओं का पता चलता है।
शिविर में मुख्य रूप से डीडीएम कुल्लू ऋषभ सिंह ठाकुर, एलडीएम कुल्लू पीएनबी पामा छेरींग, एसएमएस बागवानी विभाग डा उत्तम पराशर, नवीन गुप्ता एवं रमेश वर्मा कांगड़ा बैंक, सुधाकर ठाकुर इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक, शाखा प्रबन्धक एसबीआई गुशेनी, ज़ीबी पंत मौहल, बीटीसीए के अधिकारी मौजूद रहे।
इस शिविर का आयोजन कांगड़ा बैंक बंजार एवं गुशैनी द्वारा किया गया।
