कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
हिमाचल प्रदेश सरकार अभी कूटनीतिक तरीके से मामला सुलझा रही है। उसके बाद भी यह मसला नहीं सुलझा तो सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ जाएगी और सख्त तेवर भी अपना सकती है।
यह बात राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के सह संयोजक व पूर्व कांग्रेस के प्रदेश सचिव ठाकुर हीरा पाल सिंह व किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ठाकुर ने बरमाणा में हुई एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
जबकि उन्हें इस मसले को केंद्र सरकार के समक्ष रख कर सुलझाना चाहिए था। यहां के सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ट्रक ऑपरेटरों के मसले पर मौन धारण किए हुए है।
उन्होंने कहा कि बरमाणा में सीमेंट प्लांट बंद होने के 32 वें दिन हो गए है और ट्रक ऑपरेटर अपने हकों को लेकर लामबंद हो रहे है और अदाणी ग्रुप के खिलाफ प्रतिदिन रोष प्रकट किया जा रहा है।
अदाणी ग्रुप अधिक मालभाड़ा होने की बात कर रहा है, लेकिन बीडीटीएस इस समय न्यूनतम किराये पर माल ढुलाई कर रहा था।
2005 में तय हुए फार्मूले के अनुसार ही मालभाड़ा कम और ज्यादा होता है, जिसमें गाड़ी के कल पुर्जों और अन्य ऑपरेटिंग लागत सम्मिलित होती है।
अदाणी ग्रुप ने आज तक न रेट बढ़ाए हैं और न बढ़ने दे रहा है। मालभाड़ा कम करने के लिए प्लांट को बंद कर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस विवाद के बढ़ने की स्थिति में सरकार सीमेंट कंपनियों के खिलाफ मंथन भी कर रही है।
सीमेंट कंपनियों के उपजे इस विवाद पर सरकार की पैनी नजर बनी हुई है। सरकार सीमेंट कंपनियों से जनहित को ध्यान में रखकर कई बातें मनवाने के प्रयास भी कर रही हैं। सुक्खू सरकार यह भी देख रही है कि विपक्ष इस मुद्दे पर किस तरह से प्रतिक्रिया देता है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दिल्ली में हाईकमान के स्तर पर भी चर्चा कर चुके हैं। पहले ही सरकार ने सीमेंट रेट को नियंत्रित करने के लिए कंपनियों को कह दिया था।
