Spread the love

कुल्लू टुडे

कुल्लू

जिला मुख्याल्य स्थ्ति गंगेड़ी के देवता गुगा जाहरपीर ने कुल्लू शहर की परिक्रमा की। रक्षाबंधन के बाद देवता द्वारा शहर की परिक्रमा को शुभ माना जाता है और लोग भी बेस्ब्री से देवता द्वारा की जाने वाली परिक्रमा का हर साल इंतजार करते हैं और देवता का आर्षिवाद लेते हैैं।

कारदार मनोज शर्मा ने बताया कि गुगा देवता जाहरवीर का (अष्टमी) रक्षा बंधन के दिन मन्दिर परिसर में देर शाम को छत्रढाल सजाया जाता है। रक्षा बंधन के अगले दिन गुगा देवता जाहरवीर शहर की परिक्रमा कर जन्माष्टमी से एक दिन पहले हारियान के साथ अपने परिसर पर लौटते हैं व रात्रि को मंदिर में गुगा देवता जाहरवीर का छत्र ढाल सजाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन देवता शहर व गांव की परिक्रमा कर लोगों को आशीर्वाद देते हैं।

उन्होंने बताया कि देवता की परिक्रमा रक्षाबंधन के अगले दिन मंदिर से शुरू होती है और शहर के साथ लगते गांव के साथ माता भेखली के मंदिर होते हुए सात दिन तक परिक्रमा करने के बाद देवता अपने मंदिर में लौटते हैं।

मनोज शर्मा ने बताया कि मंदिर में नवमी के अवसर पर गुगा नवमी मनाई जाती है। इस दौरान दूर दूर से हजारों की संख्या में श्रृद्धालु देवता के मंदिर में शीश नवाकर आर्शिवाद लेते हैं। इस अवसर पर का कारदार मनोज शर्मा, धीरज शर्मा, गोपाल शर्मा सहित समस्त हरियान सात दिन तक देवता की परिक्रमा में शरीक हुए।

Leave a Reply

error: Content is protected !!